बांसवाड़ा राजस्थान के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंधविश्वास के नाम पर ठगी और तांत्रिक क्रिया करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पाडी लसोड़िया गांव के श्मशान घाट पर देर रात तंत्र-मंत्र के जरिए ‘पैसों की बारिश’ कराने का दावा करने वाले 8 आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी वहां एक मुर्गे की बलि देने की तैयारी में थे.

आधी रात को पुलिस का छापा
सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि श्मशान घाट पर कुछ बाहरी लोग संदिग्ध गतिविधियों में जुटे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रात करीब 12:40 बजे श्मशान की घेराबंदी की. मौके पर आरोपी घेरा बनाकर तांत्रिक क्रिया कर रहे थे. पुलिस ने अचानक छापा मारकर मौके से मास्टरमाइंड सहित सभी 8 लोगों को दबोच लिया.
बलि के लिए मुर्गा और तांत्रिक सामग्री बरामद
पुलिस को मौके से भारी मात्रा में तांत्रिक पूजा का सामान मिला है. इसमें बलि के लिए लाया गया एक जीवित मुर्गा, सिंदूर, नारियल, केले, अगरबत्ती और अन्य पूजन सामग्री शामिल है. पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के मास्टरमाइंड सुखलाल पटेल और मध्य प्रदेश के धार निवासी रामरतन कुमावत हैं. इन्होंने ‘पैसों की बारिश’ और बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर लोगों से 50 हजार रुपये भी ऐंठे थे.
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पकड़े गए आरोपी राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हैं:
- सोहनलाल (पाली)
- सुखलाल (सज्जनगढ़) – मास्टरमाइंड
- रामरतन कुमावत (धार, म.प्र.) – मास्टरमाइंड
- प्रतापसिंह (बांसवाड़ा)
- सुरेशचन्द्र (बांसवाड़ा)
- विरेन्द्र (बांसवाड़ा)
- मांगीलाल (प्रतापगढ़)
- राजेन्द्र कुमार (बांसवाड़ा)
BNS की नई धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस अब इस गिरोह के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है कि इन्होंने पूर्व में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. थानाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अंधविश्वास या तांत्रिक झांसे में न आएं, ‘पैसों की बारिश’ जैसे दावे पूरी तरह फर्जी और गैर-कानूनी हैं.

