राजस्थान के बांसवाड़ा जिला न्यायालय परिसर से गुरुवार को पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. यहाँ दानपुर थाना पुलिस की गिरफ्त से एक वारंट अपराधी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर फरार हो गया. आरोपी को 3 साल पुराने अपहरण के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोर्ट में पेशी से ठीक पहले वह चकमा देने में कामयाब रहा.
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद फरार
दानपुर थानाधिकारी लक्ष्मीचंद के अनुसार, फरार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय राकेश पुत्र लालू, निवासी गढ़ उकाला के रूप में हुई है. राकेश पर करीब 3 साल पहले एक युवती के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में वह पूर्व में जेल जा चुका था और वर्तमान में जमानत पर बाहर चल रहा था. हालांकि, फरवरी माह से अदालती कार्यवाही में शामिल न होने के कारण उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया गया था.
पुलिस ने बताया कि इसी वारंट की तामील के लिए बीती रात आरोपी के घर दबिश दी गई थी और उसे हिरासत में लिया गया. गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे हेड कांस्टेबल लक्ष्मण और कांस्टेबल दिनेशचंद्र उसे बाइक पर बैठाकर दानपुर से बांसवाड़ा सेशन कोर्ट लेकर पहुंचे थे.
पुलिसकर्मियों को गिराया और भीड़ में हुआ ओझल
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, जैसे ही बाइक कोर्ट परिसर पहुंची और पुलिसकर्मी उसे अंदर ले जाने की तैयारी करने लगे, राकेश ने अचानक जवानों को जोर का धक्का दिया. जब तक पुलिसकर्मी खुद को संभाल पाते, आरोपी तेजी से दौड़ते हुए कोर्ट के बाहर भीड़भाड़ वाले इलाके में गायब हो गया. जवानों ने काफी दूर तक उसका पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दो पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक स्थाई वारंटी का इस तरह भाग जाना जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. घटना के बाद पूरे जिले में नाकाबंदी कराई गई है. थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को दोबारा सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

