राजसमंद जिले की श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने उपली ओडन क्षेत्र में चल रहे अवैध तलवार निर्माण के एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए 9228 अवैध तलवारें बरामद की हैं. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है.
कबाड़ और वेल्डिंग की आड़ में खौफनाक खेल
जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया है. पहली छापेमारी उपली ओडन स्थित एक भंगार (कबाड़) के गोदाम में की गई. यहाँ बाहर से कबाड़ का काम दिखता था, लेकिन अंदर अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा था. पुलिस ने यहाँ से 9,032 धारदार और बिना धार वाली तलवारें बरामद कीं. साथ ही तलवार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्राइंडर, ड्रिल और वेल्डिंग मशीनें भी जब्त की गईं. यहाँ से पुलिस ने अजय सिगलीगर और सोनू सुथार को गिरफ्तार किया.
दूसरी जगह से भी भारी मात्रा में हथियार बरामद
वहीं, दूसरी कार्रवाई भानसोल रोड के पास एक बाड़े में की गई, जहाँ वेल्डिंग कार्य की आड़ में अवैध हथियार बनाए जा रहे थे. यहाँ से पुलिस ने 196 नुकीली तलवारें और निर्माण उपकरण जब्त कर सिकन्दर सिगलीगर को गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास इन हथियारों के निर्माण या भंडारण का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला.
बड़ा सवाल: कहाँ होनी थी इतनी बड़ी सप्लाई?
थानाधिकारी विक्रमसिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने में जुटी है. पुलिस यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में तलवारें किस मकसद से बनाई जा रही थीं और इन्हें कहाँ सप्लाई किया जाना था. आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. इस कार्रवाई में एएसआई गोपीराम, शंकरसिंह और हेड कांस्टेबल उषा सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही.

