राजस्थान पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2’ के तहत कुशलगढ़ थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने गौवंश वध अधिनियम के तहत दर्ज मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीन स्थाई वारंटियों को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है. ये आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले काफी समय से ठिकाने बदल रहे थे.
अहमदाबाद में छिपे थे आरोपी
उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव और बांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी के निर्देशन में जिले भर में वांछित अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था. पुलिस टीम को मुखबिर और तकनीकी सूचना तंत्र के माध्यम से जानकारी मिली कि साल 2025 में दर्ज गौवंश वध प्रकरण के आरोपी अहमदाबाद में पहचान छिपाकर रह रहे हैं.
घेराबंदी कर दबोचे गए अपराधी
पुलिस टीम ने अहमदाबाद में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में ले लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- कमलेश, पिता वालु (मईडा)
- रमेश, पिता वालु (मईडा)
- राजेश, पिता कान्ति (निनामा)
ये तीनों आरोपी कुशलगढ़ क्षेत्र के सब्बलपुरा गांव के निवासी हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पूर्व में गौवंश वध अधिनियम के तहत मामला दर्ज था, जिसमें वे फरार चल रहे थे और अदालत द्वारा उनके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किए गए थे.
पुलिस टीम की मुस्तैदी
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसौदिया के साथ लोकेन्द्र सिंह, रमेशचंद्र, लोकेन्द्र और सागर शामिल रहे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजने के आदेश दिए गए.

