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डूंगरपुर: सीमलवाड़ा क्षेत्र के बांसिया गांव में दो धामण सांपों का ‘कॉम्बैट डांस’, कैमरे में कैद हुआ प्रकृति का दुर्लभ नजारा

डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र के बांसिया गांव में बुधवार को प्रकृति का एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक दृश्य देखने को मिला। यहां दो रेट स्नेक (धामण सांप) आपस में भिड़ते नजर आए. खास बात यह थी कि यह लड़ाई किसी हिंसक संघर्ष के बजाय एक अनोखे नृत्य जैसी लग रही थी, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा. कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

क्या होता है ‘कॉम्बैट डांस’?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांप काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटकर हवा में लहराते रहे और संघर्ष करते रहे. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इसे ‘कॉम्बैट डांस’ कहा जाता है. अक्सर लोग इसे नाग-नागिन का नृत्य समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह दो ‘नर’ सांपों के बीच अपना वर्चस्व (Territorial Dominance) स्थापित करने की लड़ाई होती है.

वर्चस्व की जंग, मादा के लिए संघर्ष

विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के आसपास नर धामण सांपों के बीच ऐसी लड़ाई सामान्य है. यह संघर्ष अपने क्षेत्र पर अधिकार जमाने के लिए होता है. इस लड़ाई में जो सांप दूसरे को जमीन पर दबा देता है, वही उस इलाके का राजा कहलाता है और उसे ही मादा के साथ प्रजनन का अधिकार मिलता है.

‘किसानों के मित्र’ हैं धामण सांप

वन्यजीव जानकारों ने बताया कि धामण सांप पूरी तरह से गैर-जहरीले होते हैं. ये किसानों के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं क्योंकि इनका मुख्य भोजन चूहे और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट होते हैं. इसीलिए इन्हें ‘किसानों का मित्र’ कहा जाता है. विशेषज्ञों ने अपील की है कि ऐसे दृश्य दिखने पर सांपों को नुकसान न पहुंचाएं और दूरी बनाए रखें.

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