राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक बेहद सहज और आत्मीय अंदाज प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में देखने को मिला. अपने प्रतापगढ़ दौरे के दूसरे दिन, गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री ने न केवल गांव की गलियों में मॉर्निंग वॉक की, बल्कि एक आम नागरिक की तरह ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की योजनाओं पर चर्चा की.
किसान के घर रात्रि विश्राम और सुबह का जन-संवाद

मुख्यमंत्री बुधवार शाम को प्रतापगढ़ पहुंचे थे, जहां विकास चौपाल के कार्यक्रमों के बाद उन्होंने सादगी की मिसाल पेश करते हुए स्थानीय किसान गोपाल जणवा के घर पर रात्रि विश्राम किया. गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे सीएम मॉर्निंग वॉक पर निकले. इस दौरान उनके साथ विधायक श्रीचंद्र कृपलानी और मंत्री गौतम दक सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.
खाट पर बैठकर चर्चा और बच्चों को बांटी चॉकलेट

गांव की गलियों में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री जगह-जगह रुके. उन्होंने बुजुर्गों के साथ खाट पर बैठकर उनके स्वास्थ्य और पेंशन योजनाओं के बारे में जानकारी ली। महिलाओं से संवाद के दौरान उन्होंने ‘राजीविका’ समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति विशेष लगाव भी दिखाई दिया; उन्होंने नन्हे बच्चों को चॉकलेट बांटी और उनसे उनके स्कूल, पढ़ाई और होमवर्क के बारे में हंसी-मजाक किया.
मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक
मॉर्निंग वॉक के बाद मुख्यमंत्री ने गांव के प्रसिद्ध लक्ष्मीनाथ मंदिर और चारभुजानाथ जी मंदिर में दर्शन किए. इसके पश्चात वे श्री गंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से जलाभिषेक कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के किसानों को समृद्ध बनाना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि “विकसित गांवों से ही विकसित राजस्थान” का सपना साकार होगा. इस अवसर पर प्रभारी मंत्री मंजू बाघमार, विधायक हेमंत मीणा, चंद्रभान सिंह आक्या सहित उदयपुर रेंज आईजी और जिला प्रशासन के आला अधिकारी उपस्थित रहे.

