गो माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने और भारत को पूरी तरह गो-हत्या मुक्त देश घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को उदयपुर की सड़कें गो-भक्ति के रंग में रंगी नजर आईं. गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संत, गोशाला संचालक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम गो भक्त शामिल हुए.

टाउन हॉल से निकाली गई भव्य रैली
प्रदर्शन की शुरुआत टाउन हॉल से एक विशाल रैली के रूप में हुई. रैली में शामिल श्रद्धालु हाथों में धार्मिक झंडे और संदेश लिखी तख्तियां लिए गो-संरक्षण के समर्थन में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े. यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर आवाज बुलंद की.
कलेक्ट्रेट के बाहर रामधुन और भजन-कीर्तन
प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब गो भक्त अपने साथ गो माता को भी कलेक्ट्रेट परिसर लेकर पहुंचे. प्रशासनिक घेरे के बाहर भक्तों और साधु-संतों ने रामधुन, भजन-कीर्तन और धार्मिक भजनों के माध्यम से अत्यंत शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से अपनी आस्था और मांग को सरकार के सामने रखा.
प्रधानमंत्री के नाम एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के समापन पर महंतों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा को ज्ञापन सौंपा.
मुख्य मांगें:
- गो माता को अविलंब ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए.
- देशभर में गो-हत्या पर पूर्ण रूप से कड़ा प्रतिबंध लागू हो.
दिल्ली कूच और बड़े आंदोलन की चेतावनी
संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गो माता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और अटूट आस्था का प्रतीक हैं. इनकी रक्षा और संरक्षण के लिए सरकार को तत्काल ठोस और प्रभावी कानून बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो देशभर के गो भक्त एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे और बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

