प्रतापगढ़ “सैनिक का जीवन केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च संकल्प है.” इसी संकल्प को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 17वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स (सवाईमान) में 16 वर्षों तक जीने वाले जांबाज जवान खुमानसिंह राठौड़ का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव अम्बावली में भव्य अभिनंदन किया गया. सेवा निवृत्ति के बाद घर लौटने पर पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा.
महाराणा प्रताप स्मारक से निकली भव्य वाहन रैली

समारोह का आगाज शुक्रवार सुबह छोटीसादड़ी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक से हुआ. यहाँ से अम्बावली तक एक विशाल वाहन रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया. देशभक्ति के गीतों, ढोल-धमाकों और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा. युवाओं में अपने क्षेत्र के वीर सैनिक के प्रति भारी उत्साह और गौरव देखा गया.
फूलों की वर्षा और साफा पहनाकर किया अभिनंदन

रैली के अम्बावली पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुमानसिंह राठौड़ पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया. घर पर आयोजित मुख्य समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, पूर्व सैनिकों और समाजजनों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए और राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा पहनाकर सम्मानित किया.
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी 16 वर्षों की सेवा
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि खुमानसिंह राठौड़ ने सीमाओं पर रहकर जिस अनुशासन और समर्पण के साथ देश की रक्षा की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा. उनके परिजनों ने इस क्षण को परिवार के लिए सबसे गौरवशाली बताया और कहा कि देशसेवा के इस महायज्ञ में 16 साल देना उनके लिए सौभाग्य की बात है.

