राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है. इस गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया.
‘डबल इंजन’ सरकार पर बरसे सांसद
सांसद राजकुमार रोत ने प्रदेश की वर्तमान सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान जनता से 24 घंटे निर्बाध घरेलू बिजली आपूर्ति का वादा किया था. लेकिन आज हकीकत यह है कि डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ सहित पूरे वागड़ क्षेत्र में लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं. उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे जनता के साथ वादाखिलाफी बताया.
44 डिग्री तापमान और अघोषित कटौती का कहर
सांसद ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि क्षेत्र में तापमान 42°C से 44°C के पार जा चुका है. ऐसी भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल 5-6 घंटे और कई दुर्गम इलाकों में तो केवल 2-3 घंटे ही बिजली मिल रही है. इस अघोषित कटौती से किसान, पशुपालक और आम नागरिक बुरी तरह परेशान हैं.
स्वास्थ्य और पेयजल सेवाएं ठप
राजकुमार रोत ने बिजली संकट के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने बताया कि:
- क्षेत्र के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में इन्वर्टर की सुविधा नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में भर्ती मरीजों की जान जोखिम में है.
- बिजली गुल होने से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे इंसानों और मवेशियों के लिए पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है.
प्रशासन को 4 दिन की चेतावनी
भारत आदिवासी पार्टी ने प्रशासन और विद्युत विभाग को 3-4 दिन का अल्टीमेटम दिया है. सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस समय सीमा के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो पूरे वागड़ क्षेत्र में उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे.

