डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र के हड़मतिया (फला ऊबा पाणा) गांव में लड़की भगा ले जाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. प्रतिशोध की आग में जल रहे लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के के परिवार के दो घरों पर हमला कर उनमें आग लगा दी. इस मामले में दोवड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 4 महिलाओं सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है पूरा विवाद?
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग और नाता प्रथा से जुड़ा हुआ है. हड़मतिया निवासी गौरीशंकर उर्फ गवरा मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा प्रेम उर्फ पप्पू डेंडोर, जो लोहे के सरियों का काम करता है, उसने बीती 4 मई को गांव की ही एक लड़की को अपने साथ भगा लिया था. इस घटना के बाद से ही लड़की पक्ष के लोग आक्रोशित थे और बदला लेने की फिराक में थे.
लाठी-पत्थरों से हमला और आगजनी
आरोप है कि मंगलवार रात को लड़की के परिवार के सदस्यों और उनके समर्थकों ने लाठी, पत्थर और लोहे के पाइपों से लैस होकर पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया. हमलावरों ने पहले घर में जमकर तोड़फोड़ की और इसके बाद दोनों घरों को आग के हवाले कर दिया. आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार ने भागकर अपनी जान बचाई.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दोवड़ा थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कीं. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर ही घटना में शामिल 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं.
थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस आगजनी की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे.

