उदयपुर के शक्तिनगर इलाके में शुक्रवार देर रात बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया. घंटों तक अंधेरे में रहने के बाद आक्रोशित सैकड़ों लोग रात के सन्नाटे में सड़कों पर उतर आए और आरएसईबी (RSEB) कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने से परेशान थे.
अधिकारियों पर मनमानी और फोन न उठाने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का सीधा आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं. स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात करीब 10:10 बजे शक्तिनगर और आसपास के क्षेत्रों की बिजली अचानक गुल हो गई. जब लोगों ने बिजली विभाग के कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों को फोन किया, तो किसी ने फोन रिसीव नहीं किया. सूचना के अभाव और अधिकारियों की इस बेरुखी ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया.
दिन में मेंटेनेंस, रात में कटौती
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विभाग दिनभर ‘मेंटेनेंस’ के नाम पर घंटों बिजली काटता है, जिससे घरेलू काम प्रभावित होते हैं. इसके बावजूद रात में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक बिजली बंद रखी गई. लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि दोषी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो.
निजीकरण की उठी मांग
हंगामे की सूचना मिलने पर कुछ स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित भीड़ टस से मस नहीं हुई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकारी तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है. अब समय आ गया है कि बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंप दिया जाए, ताकि कम से कम जनता को जवाबदेही और बेहतर सेवा मिल सके.

