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डूंगरपुर में गरजे केंद्रीय मंत्री शेखावत: पूर्व सीएम गहलोत पर साधा निशाना, बोले- ‘पेपर लीक से युवाओं को रुलाने वाली कांग्रेस को नीट पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं’

डूंगरपुर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने डूंगरपुर के भीलुड़ा गांव में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान नीट परीक्षा विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. शेखावत ने दोटूक कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में राजस्थान का युवा पेपर लीक माफियाओं के कारण “खून के आंसू” रोया हो, उसके नेताओं को देश की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कांग्रेस शासन में हुई रीट धांधली और दोषियों को बचाने के प्रयासों को लेकर भी जमकर निशाना साधा.

भीलुड़ा गांव की रात्रि चौपाल में हुआ भव्य स्वागत

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत देर शाम बांसवाड़ा से डूंगरपुर पहुंचे, जहां माही पुल पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके बाद वे ‘ग्राम रथ अभियान’ के तहत भीलुड़ा गांव पहुंचे. रघुनाथ जी मंदिर में दर्शन के बाद पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ वे रात्रि चौपाल कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान पूर्व सांसद कनकमल कटारा, विधायक शंकरलाल डेचा, जिलाध्यक्ष अशोक पटेल, पूर्व विधायक अनीता कटारा और महामंत्री पंकज जैन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे.

‘गड़बड़ी दिखते ही केंद्र ने लिया तुरंत एक्शन’

चौपाल को संबोधित करते हुए शेखावत ने एनटीए को भंग करने और सीबीआई जांच की मांग करने वाले कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लिया. उन्होंने केंद्र व पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी की भनक लगते ही बिना देरी किए मामला सीबीआई को सौंप दिया. आज पूरी चेन को तोड़ते हुए दोषियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है. सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है.

रीट परीक्षा का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

शेखावत ने कांग्रेस शासनकाल की रीट परीक्षा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय खुलेआम धांधली हुई, लेकिन युवाओं की आवाज को दबाया गया. उन्होंने कहा, “जब राजस्थान का बेरोजगार युवा रो रहा था, तब कांग्रेस सरकार रीट उत्सव मनाने में व्यस्त थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सवाल उठाने वालों को राज्य का दुश्मन तक कह दिया था और अपने पसंदीदा बोर्ड पदाधिकारियों को बचाने में लगे रहे.” भारी जनदबाव के कारण आठ महीने बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी.

रात्रि चौपाल से मौके पर समाधान का दावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार रात्रि चौपाल और शिविरों के माध्यम से आम लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर रही है. अब कलेक्टर से लेकर तहसीलदार तक सभी अधिकारी खुद गांवों में पहुंचकर जनता को राहत दे रहे हैं, जिससे आमजन को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है.

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