बांसवाड़ा सेनावासा महादेव मंदिर के पास आवारा कुत्तों के आतंक का एक गंभीर मामला सामने आया है. यहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने राष्ट्रीय पक्षी मोर पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया. गनीमत रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता और स्थानीय समाजसेवियों की त्वरित सजगता से मोर को समय रहते कुत्तों के चंगुल से छुड़ाकर उसका उपचार कराया गया, जिससे उसकी जान बच सकी.
ग्रामीणों ने साहस दिखाकर कुत्तों को खदेड़ा
जानकारी के अनुसार, महादेव मंदिर के समीप अचानक आवारा कुत्तों ने एक मोर को घेरकर उस पर हमला बोल दिया था. मोर की चीख-पुकार सुनकर पास ही मौजूद ग्रामीण लक्ष्मण लाल मकवाना, राकेश मकवाना और विदेश निनामा तुरंत मौके की ओर दौड़े. ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए लाठियों और पत्थरों की मदद से हमलावर कुत्तों को वहां से खदेड़ा. इसके बाद ग्रामीण लहूलुहान हालत में मोर को तुरंत सेनावासा पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे.
उपसरपंच ने निजी वाहन से पहुंचाया जिला अस्पताल
घटना की भनक लगते ही स्थानीय उपसरपंच व समाजसेवी हरिश्चंद्र कलाल, प्रिंस कलाल और वन चौकी से वनरक्षक भी अस्पताल पहुंच गए. सेनावासा पशु चिकित्सालय के डॉक्टर मांगीलाल डामोर ने घायल मोर का प्राथमिक उपचार किया. हालांकि, मोर के गहरे जख्मों को देखते हुए उन्होंने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत बांसवाड़ा जिला पशु चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी. इस पर उपसरपंच हरिश्चंद्र कलाल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने निजी वाहन से मोर को जिला अस्पताल पहुंचाया.
घाटोल वन नर्सरी में रखा निगरानी में
जिला अस्पताल में डॉ. पांडे ने घायल मोर का गहन उपचार किया. समय पर मिले इलाज के बाद मोर की हालत अब खतरे से बाहर और नियंत्रण में बताई जा रही है. वन विभाग की टीम ने उपचार के बाद मोर को सुरक्षित रखने के लिए घाटोल वन नर्सरी भेज दिया है, जहां उसे विशेष निगरानी में रखा गया है.

