बांसवाड़ा जिले की सल्लोपाट थाना पुलिस ने फाइनेंस कर्मी से हुई ₹1 लाख 42 हजार की सनसनीखेज लूट के मामले का महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया. लूट की यह वारदात किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि खुद रिपोर्ट दर्ज कराने वाले फाइनेंस कर्मी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी फाइनेंस कर्मी सहित उसके दोनों सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है.
तलवार दिखाकर लूटने का रचा था ड्रामा
पुलिस के अनुसार, स्वतंत्र फाइनेंस कंपनी (शाखा सज्जनगढ़) के कर्मचारी अंजेश डामोर ने 5 मई को सल्लोपाट थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने बताया कि 3 मई को जब वह घोड़िया डालर नाले के पास से गुजर रहा था, तब पल्सर बाइक पर आए 4 नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोका. बदमाशों ने उसे तलवार दिखाकर डराया और कंपनी के कलेक्शन के ₹1,42,656 नगद व दो मोबाइल लूटकर फरार हो गए.
मनोवैज्ञानिक पूछताछ में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सल्लोपाट थानाधिकारी नागेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद ली, तो परिवादी अंजेश की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. संदेह पुख्ता होने पर पुलिस ने अंजेश और उसके दो दोस्तों मनीष व निर्मल को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई से पूछताछ की. इस पर तीनों टूट गए और कंपनी के पैसे हड़पने के लिए रची गई इस पूरी झूठी साजिश को कबूल कर लिया.
पुलिस ने इस मामले में उम्मेदगढ़ी निवासी मुख्य साजिशकर्ता व फाइनेंस कर्मी अंजेश (20) और उसके सहयोगी भडवेल निवासी मनीष (21) व निर्मल उर्फ बल्लू (18) को गिरफ्तार किया है. इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने वाली टीम में थानाधिकारी नागेन्द्र सिंह, एएसआई मगनलाल, हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार सहित अन्य कांस्टेबल शामिल रहे. पुलिस अब आरोपियों से कंपनी की रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है.

