
उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के साथ वॉल सिटी और झील किनारे स्थित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सीवरेज व्यवस्था, झील संरक्षण, स्वच्छता और पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया. लापरवाही मिलने पर कलक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए.
सीवरेज चैंबर में मिला किचन वेस्ट, होटलों पर गिरेगी गाज

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने जब चांदपोल, गणगौर घाट और लाल घाट के पास सीवरेज चैंबरों को खुलवाकर देखा, तो वहां रसोई का अपशिष्ट और ग्रीस जमा मिला. इस पर नाराजगी जताते हुए कलक्टर ने कहा कि इस कचरे से चैंबर जाम हो रहे हैं और दूषित पानी झीलों में मिल रहा है. नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने साफ किया कि जिन भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों ने ग्रीस चैंबर नहीं बनाए हैं और कचरा सीधे सीवरेज में डाल रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर तुरंत सीज किया जाएगा.
ड्रोन से होगा पिछोला झील का सर्वे, पानी के लिए सैंपल
झीलों को प्रदूषण और अतिक्रमण से बचाने के लिए जिला कलक्टर ने एक विशेष टीम गठित कर ड्रोन और नाव के जरिए पिछोला झील का सघन सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को पिछोला झील के पानी का सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता जांचने की रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
सीसारमा पंपिंग स्टेशन और फूड कोर्ट का जायजा
कलक्टर ने नागा नगरी और सीसारमा पंपिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि पिछोला को साफ रखने के लिए सीसारमा के 800 घरों को 62 करोड़ की लागत से सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा गया है. इसके बाद कलक्टर ने रानी रोड पर बन रहे फूड कोर्ट का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि निर्माण के दौरान गार्डन के मूल स्वरूप और हरियाली को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

