डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा कस्बे में धंबोला मार्ग पर बैंक ऑफ बड़ौदा के पास चल रहे पुलिया के नवीनीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. निर्माण कार्य शुरू होते ही इसमें बरती जा रही अनियमितताओं, गुणवत्ता से समझौते और दोषपूर्ण तकनीकी डिजाइन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. कस्बेवासियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से इस पूरे कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार पुलिया बनाने की पुरजोर मांग की है.


घटिया सामग्री और संकरी डिजाइन से बढ़ा विवाद
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के अधीन हो रहे इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. मौके पर पुलिया निर्माण के लिए लगाए जा रहे सीमेंट के बॉक्स की गुणवत्ता बेहद घटिया और संतोषजनक नहीं है. इसके अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ पुलिया को जानबूझकर संकरा कर दिया गया है, जबकि ठीक सामने की ओर आवासीय मकानों के चलते पुलिया का स्तर काफी ऊंचा कर दिया गया है.
जलभराव और हादसों की बढ़ी आशंका
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि पुलिया का स्तर ऊंचा होने से आगामी बरसात के दिनों में जल निकासी पूरी तरह बाधित हो जाएगी, जिससे आसपास के घरों और दुकानों में पानी भरने का खतरा बढ़ जाएगा. चूंकि यह पूरा मार्ग घुमावदार है, इसलिए सड़क की डिजाइन के विपरीत संकरी पुलिया बनने से भविष्य में भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी और दुर्घटनाओं का अंदेशा हर वक्त बना रहेगा.
कस्बेवासियों ने खोला मोर्चा, जांच की मांग
स्थानीय नागरिक विनोद शर्मा, प्रकाश सोनी, सुरेश भोई सहित कई प्रबुद्ध जनों ने इस निर्माण कार्य को महज एक खानापूर्ति बताया है. उन्होंने विभागीय उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर चल रहे काम को तुरंत रुकवाकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में जनता के पैसे का दुरुपयोग न हो और जनहित में एक सुरक्षित पुलिया का निर्माण हो सके.

