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उदयपुर: अवैध और मॉडिफाइड लक्जरी बसों पर चला चाबुक; 4 स्लीपर बसें सीज, 1.20 लाख का जुर्माना

उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत बदलाव (Modification) करने वाली स्लीपर व लक्जरी बसों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. शहर के बलीचा चौराहे और अम्बेरी पुलिया पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत 4 लक्जरी स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज किया गया है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

सुरक्षित सफर के लिए न्यायपालिका और परिवहन विभाग का औचक निरीक्षण

यह पूरी कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में और उदयपुर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में की गई. सुरक्षित परिवहन के नागरिकों के अधिकार की रक्षा करने के लिए टीम ने गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बलीचा तिराहे और अम्बेरी पर औचक नाकाबंदी की. इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन कर बसों की मूल बनावट में खतरनाक संरचनात्मक संशोधन करने वाली बसों की कड़ाई से जांच की गई.

कार्रवाई का लेखा-जोखा: 15 बसों की जांच, 4 सीज

विशेष अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने कुल 15 लक्जरी बसों का सघन निरीक्षण किया. इनमें से गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 4 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 5 बसों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई. नियम तोड़ने वाले बस संचालकों पर कुल 1,20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया.

कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (अपर जिला न्यायाधीश) राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मुकेश डाड सहित परिवहन निरीक्षक श्याम सिंह हाडा, तेजपाल और घनश्याम मीणा मौजूद रहे.

हादसों को रोकने के लिए जारी रहेगा अभियान

अधिकारियों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बसों में अनधिकृत बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, जिससे भीषण हादसे होते हैं. आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे इस सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें. यदि कोई यात्री किसी ट्रैवल्स एजेंसी की मनमानी या लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायालय परिसर, उदयपुर में संपर्क कर स्थाई लोक अदालत में अपनी शिकायत (वाद) दर्ज करा सकता है.

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