उदयपुर राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर के अंतर्राष्ट्रीय शिल्पकार और 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक डॉ. इकबाल सक्का ने एक बार फिर अपनी अनूठी कला से दुनिया को हैरान कर दिया है. भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर डॉ. सक्का ने कौमी एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए विश्व का सबसे छोटा सोने-चांदी का जगन्नाथ रथ तैयार किया है. अपनी इस बेमिसाल कलाकृति को वे उड़ीसा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर में भेंट करेंगे, जिसके लिए उन्होंने मंदिर ट्रस्ट कमेटी को पत्र भी लिखा है.


लेंस से ही नजर आएगी मूंग के दाने से छोटी प्रतिमा
डॉ. सक्का द्वारा तैयार किया गया यह अनूठा रथ मात्र 1 × 1 सेंटीमीटर आकार का है, जिसे सूक्ष्म कलाकारी का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है. इस सूक्ष्म रथ के भीतर एक सेंटीमीटर का चांदी का मंदिर, एक मिलीमीटर का कलश और उस पर लहराती केसरी रंग की पताका बनाई गई है, जिस पर सूक्ष्म अक्षरों में ‘ॐ’ अंकित है. रथ के गर्भगृह में मूंग के दाने से भी छोटी चांदी की भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा बनाकर उन्हें सिंहासन पर विराजमान किया गया है. इस दिव्य प्रतिमा को केवल लेंस (Magnifying Glass) की मदद से ही देखा जा सकता है. इसके अलावा, रथ को खींचने के लिए चांदी का 1 सेंटीमीटर का घोड़ा भी बनाया गया है, जो रथ को आगे बढ़ाते हुए दर्शा रहा है.
36 घंटे की मेहनत और उड़ीसा का रिकॉर्ड तोड़ा
डॉ. सक्का ने बताया कि इस ऐतिहासिक कलाकृति को 7 ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने के इस्तेमाल से करीब 36 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया गया है. उन्होंने एक नया विश्व कीर्तिमान रचने का दावा करते हुए बताया कि इससे पहले विश्व के सबसे छोटे रथ का रिकॉर्ड उड़ीसा के भुवनेश्वर के एक कलाकार के नाम था, जिसने 3 × 2 सेंटीमीटर का रथ बनाया था, जो इंटरनेशनल बुक में दर्ज है. डॉ. सक्का ने मात्र 1 × 1 सेंटीमीटर का रथ बनाकर उस पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है.

