बांसवाड़ा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2’ के तहत गढ़ी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने पिछले 6 महीनों से फरार चल रहे और 10 हजार रुपए के इनामी शातिर ठग जिगर भट्ट (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने एक ही महिंद्रा XUV 700 कार को पांच अलग-अलग लोगों को बेचकर और गिरवी रखकर करोड़ों रुपए का जाल बुना था.

जयपुर जाने का बहाना बनाकर की ₹18 लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार, परतापुर निवासी यशवंत सिंह राव ने आरोपी जिगर भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. मई 2025 में जिगर ने यशवंत सिंह को अपनी XUV कार 20 लाख रुपए में बेचने का सौदा किया और 18 लाख रुपए नकद ले लिए. इसके बाद, आरोपी जयपुर जाने का बहाना बनाकर कार मांगकर ले गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा. परेशान होकर पीड़ित ने गढ़ी थाने में मुकदमा दर्ज कराया.
एक कार, 5 बड़े कारनामे
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए:
- सागवाड़ा: यशवंत सिंह से ठगी के बाद कार को सागवाड़ा में ₹20 लाख में गिरवी रखा.
- जयपुर (अंकित): 1 दिसंबर 2025 को जयपुर में सीकर के व्यापारी अंकित को ₹15 लाख में कार बेची.
- खुद ही चुराई कार: 27 मार्च 2026 को आरोपी ने अंकित के पास खड़ी अपनी ही गाड़ी (₹2 लाख कैश सहित) खुद चुरा ली.
- आगरा रोड (सुमित): चोरी की इसी कार को 2 अप्रैल को सुमित खंडेलवाल को बेचा.
- सांगानेर (टीकमचंद): हद तो तब हो गई जब 20 मई 2026 को आरोपी ने इसी वाहन को पांचवीं बार टीकमचंद को बेच दिया.
नौकरी के नाम पर भी की ठगी
एसपी सुधीर जोशी और गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रेगर के सुपरविजन में थानाधिकारी रमेश मीणा की टीम ने तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपी को दबोचा. आरोपी जयपुर में फ्लैट किराए पर लेकर परिवार संग छिपा हुआ था. कार ठगी के अलावा, आरोपी पर ‘शौर्य फाउंडेशन’ में नौकरी दिलाने के नाम पर भी लाखों की ठगी का आरोप है, जिसकी जांच दानपुर पुलिस कस्टडी में की जा रही है.

