उदयपुर अपनी विभिन्न लंबित और जायज मांगों को लेकर जिले भर की आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता और सहायिकाएं पूरी तरह से लामबंद हो गई हैं. नियमितीकरण (परमानेंट करने) और सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित भविष्य के लिए पेंशन की गारंटी जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आज भारी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्री परिसर पहुंचीं. कलेक्ट्री के बाहर जमा हुई महिलाओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
कलेक्ट्री परिसर में धरना देकर बैठी महिलाओं ने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से बेहद कम मानदेय (वेतन) पर दिन-रात सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने का काम कर रही हैं. चाहे बच्चों का पोषण हो या स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं, हर जगह उनकी ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा की हमेशा अनदेखी की गई है. महिलाओं ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती और उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी.
जिले भर के केंद्रों पर कामकाज ठप, सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
आंगनवाड़ी संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद आज तक उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे मजबूर होकर उन्हें काम बंद कर सड़कों पर उतरना पड़ा है. इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण उदयपुर जिले भर के आंगनवाड़ी केंद्रों का कामकाज पहले ही दिन पूरी तरह ठप हो गया. केंद्रों पर ताले लटके होने के कारण छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण व स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. फिलहाल कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्री के बाहर ही अपना महापड़ाव डाल दिया है.

