बांसवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक बेहद सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने आरोपी दिनेश (निवासी पलोदरा, थाना सदर) को अपने ही दोस्त की क्रूरता से हत्या करने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
इंश्योरेंस क्लेम के लिए रची थी खौफनाक साजिश
यह रूह कंपा देने वाली घटना दिसंबर 2024 की है. आरोपी दिनेश ने भारी-भरकम इंश्योरेंस (बीमा) राशि हड़पने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी. उसने पलोदरा के ही रहने वाले कालू नामक युवक को पहले शराब पिलाई, जिसमें उसने नशीली दवा मिला दी थी.
जब कालू बेहोश होकर अधमरा हो गया, तो आरोपी ने उसे सड़क पर डाल दिया. इसके बाद वारदात को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए आरोपी ने कालू के शरीर पर एक के बाद एक, तीन बार गाड़ी चढ़ाई और उसका सिर बुरी तरह कुचल दिया.
हाथ के टैटू से खुला राज, पुलिस की वैज्ञानिक जांच
घटना के अगले दिन सड़क पर बेहद क्षत-विक्षत हालत में शव मिला, जिसकी पहचान करना नामुमकिन लग रहा था. लेकिन मृतक के हाथ पर गुदे ‘कालू’ नाम के टैटू ने उसकी पहचान कराई.
सदर थानाधिकारी व जांच अधिकारी बुद्धाराम विश्नोई ने मामले की गहराई से तफ्तीश की. पुलिस ने वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश की.
23 गवाह और 98 दस्तावेजों ने दिलाई सजा
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने पुरजोर पैरवी की. केस को साबित करने के लिए कोर्ट में 23 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 98 पुख्ता दस्तावेज पेश किए गए. अपराध की क्रूरता और गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा से दंडित किया.

