बांसवाड़ा जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से बना पैंथर का खौफ धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है. वन विभाग ने गढ़ी परतापुर वन नाका क्षेत्र के भगोरा में एक और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हुए खूंखार पैंथर को पिंजरे में कैद कर लिया है. खास बात यह है कि पिछले 20 दिनों के भीतर इस क्षेत्र से पकड़ा गया यह दूसरा पैंथर है.
बछड़े पर हमले के बाद बिछाया गया जाल.
वन विभाग को कल दोपहर सूचना मिली थी कि एक पैंथर ने भगोरा क्षेत्र में गाय के बछड़े पर हमला कर उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश की है. घटना के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ अभिषेक के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की और शाम को मौके पर पिंजरा लगा दिया.
ऐसे मिली कामयाबी
पैंथर को पिंजरे की ओर आकर्षित करने के लिए उसमें बकरी को बांधा गया था. रात के अंधेरे में शिकार के लालच में पैंथर पिंजरे के भीतर दाखिल हुआ और फंस गया. सोमवार सुबह करीब 7:00 बजे जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, तो पैंथर के पकड़े जाने की पुष्टि हुई. पकड़े गए पैंथर को फिलहाल रेंज कार्यालय लाया गया है, जहाँ उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है.
कुनबे का हिस्सा होने की संभावना
वन अधिकारियों का मानना है कि करीब 20 दिन पहले इसी क्षेत्र से एक मादा पैंथर को रेस्क्यू किया गया था. संभावना जताई जा रही है कि यह नया पैंथर उसी के कुनबे या परिवार का हिस्सा हो सकता है. विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्षेत्र में और भी पैंथर सक्रिय हैं या नहीं.
सुरक्षित जंगल में किया जाएगा आजाद
वन विभाग के अनुसार, पकड़े गए पैंथर को जल्द ही बांसवाड़ा के पास किसी सुरक्षित और घने वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में रह सके. विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी जंगली जानवर की हलचल दिखने पर तुरंत सूचित करें. फिलहाल क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है.

