बांसवाड़ा जिले के ग्रामीण इलाकों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को ‘ग्राम रथ अभियान’ का शंखनाद हुआ. जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने सूचना केंद्र से इन विकास रथों को हरी झंडी दिखाकर पांचों विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया. अगले 15 दिनों तक यह रथ गांव-गांव घूमकर न केवल योजनाओं की जानकारी देंगे, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान भी करेंगे.
549 ग्राम पंचायतों के लिए रूट चार्ट तैयार
प्रशासन ने जिले की सभी 549 ग्राम पंचायतों को कवर करने के लिए एक विस्तृत रूट चार्ट तैयार किया है. अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन रथों के साथ कला जत्था के कलाकार भी रहेंगे, जो स्थानीय बोली और लोक माध्यमों (गीत-नाटक) के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगे.
अभियान की 5 बड़ी बातें:
- टेक्नोलॉजी से निगरानी: रथों में लगी आधुनिक एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं के वीडियो दिखाए जाएंगे. रथ की लाइव लोकेशन और फोटो-वीडियो विभागीय ऐप पर रियल टाइम अपलोड होंगे, जिससे मुख्यालय से इसकी निगरानी की जा सकेगी.
- सुझाव और समाधान: रथ के साथ एक सुझाव पेटी भी लगाई गई है, जिसमें ग्रामीण अपनी समस्याएं और विकास संबंधी सुझाव लिखित में दे सकेंगे.
- 13 विभागों का समन्वय: कृषि, पशुपालन, शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे 13 प्रमुख विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी एक ही छत (रथ) के नीचे मिलेगी.
- मौके पर निस्तारण: कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीणों से सीधा संवाद करें और प्राप्त समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें.
- 15 दिवसीय कार्यक्रम: यह रथ जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में अगले दो सप्ताह तक निरंतर सक्रिय रहेंगे.
अंतिम छोर तक पहुंचेगी राहत
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम करना है. उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की सुनवाई करने के निर्देश दिए.
इस अवसर पर एडीएम राजीव द्विवेदी, सीईओ गोपाल लाल स्वर्णकार, एसीईओ कैलाश बरोलिया सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

