राजस्थान के डूंगरपुर जिला मुख्यालय के निकट भंडारिया गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहाँ एक निर्माणाधीन मकान में बिजली फिटिंग का काम करते समय एक युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया. 11 केवी लाइन से लगे जोरदार करंट के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है.
कैसे हुआ हादसा?
कोतवाली थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, शहर के भोईवाड़ा मोहल्ला निवासी जितेंद्र भोई ने बताया कि उनका चचेरा भाई निलेश (पुत्र देवीलाल भोई) पेशे से इलेक्ट्रिशियन था. निलेश भंडारिया गांव की गणेश विहार कॉलोनी में स्थित एक निर्माणाधीन मकान में बिजली की लाइन डालने का कार्य कर रहा था.
कार्य के दौरान, मकान के पास से गुजर रही बिजली विभाग की 11 केवी (हाईटेंशन) लाइन की चपेट में निलेश अचानक आ गया. करंट इतना भीषण था कि निलेश बुरी तरह झुलस गया और वहीं गिर पड़ा.
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोग और परिजन निलेश को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. वहां आपातकालीन इकाई में तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद निलेश को मृत घोषित कर दिया. जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
परिजनों ने जताया रोष, पुलिस जांच शुरू
परिजनों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों और निर्माणाधीन मकानों के इतने करीब से हाईटेंशन लाइन का गुजरना बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही है. सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है. फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है.

