डूंगरपुर जिले की साइबर पुलिस ने देशभर में कोहराम मचाने वाले ऑनलाइन ठगों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 38 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह ने इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग और एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देशभर के लोगों से 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है.
73 मोबाइल, थार जीप और भारी मात्रा में सिम कार्ड बरामद

एसपी मनीष कुमार ने बताया कि साइबर ठगी की बढ़ती वारदातों को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- 73 मोबाइल फोन और 136 सिम कार्ड (कई सिम कार्ड फर्जी नाम पर).
- 1 लग्जरी थार जीप और 4 डेबिट कार्ड.
- 2 लैपटॉप और 2 टैबलेट.
- 10,000 रुपए नगद बरामद किए हैं.
दुबई कनेक्शन: बैंक खाते बेचकर की करोड़ों की ठगी
जांच में सामने आया है कि आरोपी दुबई में बैठे मास्टरमाइंड्स के संपर्क में थे. गिरोह का मुख्य सदस्य लकी वैष्णव (निवासी पातेला) ने लालच में आकर अपने बैंक खाते खुलवाए और उन्हें दुबई के ठगों को बेच दिए. ये ठग सोशल मीडिया के जरिए इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते थे.
एस्कॉर्ट सर्विस और अश्लील फोटो के नाम पर जाल
पुलिस ने अन्य मामलों में ईश्वर पाटीदार, कन्हैयालाल, विक्रम सिंह, पप्पू अहारी और अजय जैसे ठगों को भी गिरफ्तार किया है. ये आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन और लड़कियों के अश्लील फोटो डालकर लोगों को झांसे में लेते थे. एक बार पैसे मिलने के बाद ये लोग रिफंड या अन्य शुल्कों के नाम पर और अधिक राशि हड़प लेते थे.
थानावार गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों के अंतर्गत कार्रवाई की:
- कोतवाली: लकी वैष्णव.
- सरोदा: ईश्वर, कन्हैयालाल, भूरालाल, देवजी, गजेंद्र, प्रवीण, कमलेश और नरेश.
- साबला: विक्रमसिंह, जितेंद्र सिंह, दिनेश, मुकेश (दो), मेहुल, दिनेश और भावेश.
- दोवड़ा: पप्पू अहारी, अजय, लाल सिंह, प्रवीण, नयनेश, नितेश, नरेश, महेश, मुकेश, लालजी, पंकज, पियुष और विजय.
- आसपुर: नरेश, गणेश (दो), प्रकाश, हितेश, तेजपाल और मनीष. (इनके अलावा तीन नाबालिगों को भी डिटेन किया गया है)
एसपी की अपील: जागरूक रहें, सुरक्षित रहें
एसपी मनीष कुमार ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपने बैंक खाते, एटीएम पिन या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी किसी के साथ साझा न करें. साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें.

