डूंगरपुर जिले में अपराधियों और तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत डूंगरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस की स्पेशल टीम (DST) ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान और पंजाब में आतंक का पर्याय बने 30 हजार रुपये के इनामी नशीली दवाओं के तस्कर को गिरफ्तार किया है. आरोपी लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था.
फर्जी पहचान के सहारे छिपा था तस्कर
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित जिला स्पेशल टीम (DST) को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय तस्कर भवानी सिंह (उम्र 28 वर्ष) क्षेत्र में सक्रिय है. भवानी सिंह पर पंजाब और राजस्थान में NDPS एक्ट (नशीली दवाएं एवं मादक पदार्थ) के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने शातिर तरीका अपनाया था; वह फर्जी आधार कार्ड और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपा रहा था.
घेराबंदी कर दबोचा, कार और नकदी बरामद
DST टीम ने सटीक मुखबिरी के आधार पर घेराबंदी कर भवानी सिंह को दबोच लिया. आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस की टीम भी हैरान रह गई. उसके पास से एक लग्जरी कार, 1.10 लाख रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं. पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोनों के जरिए वह तस्करी के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था.
बड़ा नेटवर्क आने की संभावना
भवानी सिंह न केवल राजस्थान बल्कि पंजाब राज्य में भी वांटेड था. वहां की पुलिस को भी इसकी लंबे समय से तलाश थी. डूंगरपुर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्कर को जिले में शरण देने वाले कौन लोग थे और वह इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से लेकर आया था.
फिलहाल, आरोपी को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाने को सौंप दिया गया है. पुलिस इस गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश में भी दबिश दे रही है.

