राजस्थान के राजसमंद जिले से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक खबर सामने आई है. ऐतिहासिक हल्दीघाटी क्षेत्र के बलिचा में शुक्रवार को एक लावारिस नवजात शिशु मिलने से सनसनी फैल गई, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सजगता और तत्परता ने एक मासूम की जान बचाकर इंसानियत की नई मिसाल पेश की है.
होटल के पास मिला नवजात
जानकारी के अनुसार, घटना खमनोर थाना क्षेत्र के बलिचा हल्दीघाटी की है. यहाँ एक होटल के समीप सुनसान जगह पर किसी ने नवजात शिशु को लावारिस हालत में छोड़ दिया था. होटल संचालक की नजर जब इस मासूम पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देरी किए आसपास के ग्रामीणों को इसकी सूचना दी.
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता
सूचना मिलते ही क्षेत्र के सजग नागरिक शैलेश गिरी गोस्वामी, सत्यनारायण श्रीमाली, किशन श्रीमाली, नितेश वैष्णव और शंभू रेबारी सहित अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. नवजात की हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने एक पल भी बर्बाद नहीं किया और मानवता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित उठाकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. ग्रामीणों की इस सक्रियता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है.
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
अस्पताल प्रशासन ने नवजात को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई. फिलहाल शिशु डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और उसका उपचार जारी है. डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल लाने के कारण बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है.
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में और किसके द्वारा इस मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ा गया. आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात परिजनों की तलाश की जा रही है.

