प्रतापगढ़ के जिला एवं सेशन न्यायालय ने अपनी ही पत्नी की नृशंस हत्या करने के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. यह फैसला जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी की अदालत द्वारा सुनाया गया.
जानिए क्या था पूरा मामला?
लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी के अनुसार, घटना 6 मई 2023 की है. पीड़िता कमला ने अरनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपनी मृत्यु से पूर्व बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) दर्ज कराए थे. कमला ने बताया था कि शाम करीब 4:30 बजे उसके पति भंवानीशंकर (50), निवासी टीला खेड़ा (पीपलियामंडी, मंदसौर) ने उसके साथ विवाद किया. गुस्से में आकर भंवानीशंकर ने उस पर पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी. यह वारदात प्रसिद्ध गौतमेश्वर मेले के दौरान हुई थी.
इलाज के दौरान तोड़ा था दम
गंभीर रूप से झुलसी कमला को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उदयपुर रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई. महिला की मौत के बाद अरनोद थाना पुलिस ने मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के तहत दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच पूरी की और आरोपी पति के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया.
21 गवाहों और मजबूत साक्ष्यों ने दिलाई सजा
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी का अपराध साबित करने के लिए ठोस पैरवी की. राज्य पक्ष की ओर से कुल 21 गवाह अदालत में पेश किए गए। इसके अलावा 44 दस्तावेज और 4 भौतिक साक्ष्य (आर्टिकल) प्रदर्शित किए गए.
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भंवानीशंकर को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी माना और धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

