प्रतापगढ़ जिले में नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कड़े रुख के बाद परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोलते हुए स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चलाया. इस दौरान नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया गया और कई वाहनों को जब्त भी किया गया।.
संयुक्त टीम ने की ताबड़तोड़ छापेमारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और स्कूलों के बाहर नाकाबंदी कर करीब 25 से 30 स्कूली वाहनों की जांच की. इस अचानक हुई कार्रवाई से वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधकों में हड़कंप मच गया। कई चालक वाहन छोड़कर गलियों में भागते नजर आए.
बिना परमिट और ओवरलोडिंग पर एक्शन
जांच के दौरान प्रशासन को कई चौंकाने वाली खामियां मिलीं. कई वाहन बिना वैध परमिट के चल रहे थे, तो कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह बैठाया गया था. अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त चालान काटे गए. मौके पर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर संबंधित थानों में खड़ा करवाया गया.
76 हजार का जुर्माना, आगे भी जारी रहेगी सख्ती
इस एक दिवसीय विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने कुल 76 हजार रुपये का जुर्माना वसूला. अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वाली लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अक्सर देखा जाता है कि स्कूली वैन और बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिसे रोकने के लिए यह अभियान अब नियमित रूप से चलाया जाएगा.
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि वाहन संचालक और स्कूल प्रबंधन समय रहते अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कर लें और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें. इस अभियान की रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है ताकि जिले में छात्र सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.

