सलूंबर जिले के डाल गांव में तालाब से मिट्टी निकासी का कार्य अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही और उससे उड़ने वाली धूल से परेशान होकर सोमवार को ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
धूल के गुबार से जीना मुहाल
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब से मिट्टी निकालने के कार्य में लगे भारी ट्रेलर और डंपर दिन-भर गांव के आबादी क्षेत्र और संकरे मुख्य मार्ग से गुजरते हैं. इन वाहनों की रफ्तार और ओवरलोड मिट्टी के कारण पूरी सड़क पर धूल का गुबार छाया रहता है. स्थिति इतनी विकट हो गई है कि ग्रामीणों के घरों के अंदर तक मिट्टी की मोटी परत जम रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का डर सता रहा है.
ट्रैफिक जाम और सुरक्षा का खतरा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गांव के छोटे और संकरे रास्तों पर इन भारी ट्रेलरों के चलने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. स्कूली बच्चों और पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और ठेकेदार को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा.
प्रशासन से राहत की मांग
सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची. ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि आबादी क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही को तुरंत बंद किया जाए या मिट्टी परिवहन के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, उड़ती धूल को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की भी मांग उठाई गई. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे.

