राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उदयपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है. एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने माण्डवा थानाधिकारी (SHO) निर्मल कुमार खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल को 8 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
20 लाख की थी डिमांड, 8 लाख में हुआ सौदा
एसीबी के महानिदेशक श्री गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को गोपनीय सूत्रों से शिकायत प्राप्त हुई थी कि माण्डवा थाने में दर्ज कुछ प्रकरणों में परिवादीगण को आरोपी नहीं बनाने की एवज में पुलिस अधिकारियों द्वारा 20 लाख रुपये की मोटी रिश्वत मांगी जा रही थी. 21 मार्च 2026 को शिकायत के सत्यापन के दौरान सामने आया कि आरोपी प्रत्येक व्यक्ति के नाम हटाने के बदले 5-5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. मोलभाव के बाद आरोपी पहली किस्त के रूप में 8 लाख रुपये लेने पर सहमत हुए.
एसीबी का जाल: डमी नोटों के साथ दबोचा
एसीबी उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में डॉ. सोनू शेखावत (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व वाली टीम ने आज जाल बिछाया. जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की राशि थानाधिकारी निर्मल कुमार और कांस्टेबल भल्लाराम (बेल्ट नंबर 1928) को सौंपी, टीम ने उन्हें दबोच लिया. बरामद की गई 8 लाख रुपये की राशि में 1 लाख रुपये असली भारतीय मुद्रा थी, जबकि 7 लाख रुपये डमी (चिल्ड्रन) नोटों का उपयोग किया गया था.
कानूनी कार्यवाही और धाराएं
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक श्रीमती एस. परिमाला के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ और सर्च की कार्यवाही जारी है. ब्यूरो ने इस मामले में ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (संशोधित 1988) की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है.

