उदयपुर में गुरुवार को नगर निगम परिसर राजनीति का अखाड़ा बन गया. शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम की कार्यशैली, शहर की चरमराती सफाई व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निगम का जोरदार घेराव किया. सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक चला, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा बोर्ड और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
“भाजपा को हार का डर, इसलिए टाल रहे चुनाव”
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि उदयपुर नगर निगम का भाजपा बोर्ड हर मोर्चे पर विफल साबित हुआ है. नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और निगम प्रशासन जानबूझकर निकाय चुनाव टाल रहे हैं क्योंकि उन्हें जनता के आक्रोश और अपनी हार का डर सता रहा है. विकास के नाम पर केवल खोखली घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बदतर है.
गंदगी के ढेर और टूटी सड़कों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान शहर की मूलभूत सुविधाओं पर चिंता जताई गई. वक्ताओं ने कहा कि पर्यटन नगरी की सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, लेकिन मरम्मत के नाम पर कुछ नहीं हो रहा. सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है; पुराने शहर से लेकर नए वार्डों तक में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं. सीवरेज की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
स्ट्रीट लाइट और 272 प्लॉट मामले में भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस ने नगर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. नेताओं ने आरोप लगाया कि आयड़ नदी सौंदर्यीकरण और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के नाम पर बड़े घोटाले हो रहे हैं. शहर की आधी लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात में असुरक्षा का माहौल रहता है. साथ ही, 272 प्लॉट मामले को उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि रसूखदारों को बचाने के लिए जांच को दबाने की कोशिश की जा रही है.
चेतावनी: सुधार नहीं हुआ तो तेज होगा आंदोलन
शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी. इस दौरान पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, पंकज शर्मा, दरियाव सिंह चुंडावत सहित महिला कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.

