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उदयपुर: देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर, जिलाधीश के जरिए पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन

उदयपुर ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और राजस्थान केमिस्ट एलाइंस के आह्वान पर बुधवार, 20 मई 2026 को उदयपुर जिले सहित देशभर में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल सफलतापूर्वक आयोजित की गई. अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों की नीतियों के विरोध में जिलेभर के केमिस्ट और ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखकर आंदोलन को ऐतिहासिक समर्थन दिया.

जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन

हड़ताल के दौरान केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर प्रदर्शन किया और जिलाधीश (कलेक्टर) उदयपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में सरकार का ध्यान दवा व्यापार से जुड़े तीन अत्यंत गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया.

  1. दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगे.
  2. बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे (Prescription) के दवाओं की ऑनलाइन होम डिलीवरी बंद हो.
  3. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा अत्यधिक छूट (Deep Discounting) की अनुचित नीति पर लगाम लगे, जिससे छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्ट्स का अस्तित्व खतरे में आ गया है.

इसके साथ ही केमिस्टों ने ‘GSR 817(E)’ और ‘GSR 220(E)’ नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की, जिसका दुरुपयोग क्विक कॉमर्स ऑपरेटर्स द्वारा किया जा रहा है.

जन स्वास्थ्य और रोजगार के लिए बड़ा खतरा

केमिस्ट प्रतिनिधियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दवाएं कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं. उचित सत्यापन के बिना इनकी ऑनलाइन बिक्री मरीजों की सुरक्षा और ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ के नियमों का खुला उल्लंघन है. उन्होंने याद दिलाया कि कोविड महामारी के समय इन्हीं छोटे केमिस्ट्स ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी थीं, लेकिन आज उनके ही हितों की अनदेखी की जा रही है.

“अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के खिलाफ बार-बार सबूत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. अगर सरकार ने लाखों छोटे दवा विक्रेताओं और जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.” – केमिस्ट एसोसिएशन, उदयपुर

मानवीय दायित्व भी निभाया

उदयपुर जिले में यह हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. हालांकि दवा दुकानें बंद रहने से आमजन को थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन एसोसिएशन ने मानवीय आधार पर जरूरतमंद और गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन (इमरजेंसी) दवाओं की आपूर्ति सुचारू रखी.

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