डूंगरपुर शहर में आगामी 26 मार्च को आयोजित होने वाली भव्य रामनवमी शोभायात्रा को लेकर तैयारियां परवान पर हैं. विश्व हिंदू परिषद (VHP) और रामोत्सव आयोजन समिति द्वारा इस वर्ष के उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों को आकर्षक पेंटिंग, भगवा ध्वजों और विशेष सजावट से सजाया जा रहा है.
मातृशक्ति का शौर्य और सामूहिक घूमर
इस वर्ष रामोत्सव में नारी शक्ति यानी मातृशक्ति के शौर्य पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है. रामोत्सव समिति ने जिले की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे भारतीय पारंपरिक वेशभूषा और एक समान राजपूती पोशाक (साफा और पोशाक) पहनकर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें.
कार्यक्रम की शुरुआत 25 मार्च शाम 7 बजे ऐतिहासिक गैबसागर की पाल पर होगी. यहाँ सामूहिक महिला घूमर नृत्य का आयोजन किया जाएगा, जो राजस्थानी संस्कृति की झलक पेश करेगा. इसके साथ ही, सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता लाने के लिए ‘लव-जिहाद’ जैसे विषयों पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा.
शोभायात्रा में वीरांगनाओं की जीवंत झांकियां
मुख्य आयोजन 26 मार्च सुबह 10 बजे से शुरू होगा. शोभायात्रा शहर के बादल महल से प्रस्थान करेगी. इस यात्रा की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:
- वीरांगना वेशभूषा: सैकड़ों महिलाएं हाथ में तलवार और ढाल लिए वीरांगनाओं के रूप में नजर आएंगी.
- दुर्गावाहिनी का अखाड़ा: दुर्गावाहिनी की बालिकाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन और अखाड़ा कला का प्रदर्शन किया जाएगा.
- जीवंत झांकियां: भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के साथ-साथ हिंदू इतिहास के वीर नायकों की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी.
तैयारियां अंतिम चरण में
समिति के सदस्यों ने बताया कि शहर में उत्सव का माहौल बनाने के लिए दीवारों पर कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं. सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. विहिप और रामोत्सव समिति ने पूरे शहर के हिंदू समाज से इस महा-उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है.

