डूंगरपुर जिला मुख्यालय के निकटवर्ती माण्डवा गांव में एक युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने और शांति भंग करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वारदात में शामिल 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही, घटना के समय मौके पर छोड़ी गई दो बाइकों को भी पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है.
क्या था पूरा मामला?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना 18 मार्च की रात को घटित हुई थी. आरोपी आशीष, सुनील और उनके अन्य साथी मोटर साइकिलों पर सवार होकर गांव की गलियों में उत्पात मचा रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी हाथ में धारदार हथियार लहराते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया था.
उसी दौरान योगेश कलासुआ नामक युवक अपने घर लौट रहा था. उसने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए आरोपियों को शोर न मचाने और शांति बनाए रखने की सलाह दी. योगेश की यह नेक सलाह आरोपियों को नागवार गुजरी और उन्होंने तैश में आकर उस पर हमला बोल दिया. आरोपियों ने योगेश के सिर पर धारदार हथियार से वार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा.
बीच-बचाव करने वालों को भी पीटा
जब योगेश को बचाने के लिए मनोज और अनिल आगे आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की. शोर-शराबा सुनकर जब ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे, तो पकड़े जाने के डर से आरोपी अपनी बाइकें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. गंभीर रूप से घायल योगेश को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गुजरात के मोडासा रेफर कर दिया.
पुलिस की कार्यवाही और आरोपियों की पहचान
घटना के बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर एएसआई अशोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर पांचों आरोपियों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- आशीष कटारा
- उज्जवल रोत
- अश्विन रोत
- सुनील कटारा
- अरविन्द बरंडा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और पूर्व में भी मारपीट तथा आपसी विवाद की कई घटनाओं में लिप्त रहे हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके.

