डूंगरपुर: जिले में एक युवक के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर की गई मारपीट का मामला अब शांत होता नजर आ रहा है. थाने के बाहर चल रहा भारी विरोध प्रदर्शन और पड़ाव देर रात प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस कर्मियों पर हुई कार्रवाई के बाद समाप्त कर दिया गया.
देर रात तक लंबी वार्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 1 बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मुकेश सांखला खुद मौके पर पहुंचे. वहां उन्होंने मौजूद विधायक गणेश घोगरा, पीड़ित के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों से लंबी वार्ता की. विधायक और ग्रामीणों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं.
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
वार्ता के दौरान विधायक और पुलिस प्रशासन के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी. आंदोलनकारियों के दबाव और शुरुआती तथ्यों को ध्यान में रखते हुए:
- एएसआई रामचंद्र और
- हेड कांस्टेबल सुनील जांगिड़ को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है.
निष्पक्ष जांच का आश्वासन
लाइन हाजिर करने की कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस विभाग ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि पूरे घटनाक्रम की जांच किसी उच्च अधिकारी से करवाई जाएगी. प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
विधायक के नेतृत्व में खत्म हुआ पड़ाव
पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद विधायक गणेश घोगरा ने ग्रामीणों के साथ चर्चा की. प्रशासन के रुख से संतुष्ट होने के बाद देर रात थाने के बाहर चल रहा धरना और पड़ाव आधिकारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा की गई. इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और अपने घरों की ओर लौटे.

