राजस्थान के डूंगरपुर जिले की आसपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है. गड़ा हेरेंगजी गांव में हुई लाखों की चोरी के मामले में घर की देवरानी ही मुख्य साजिशकर्ता निकली. पुलिस ने आरोपी महिला और उसके मुख्य सहयोगी सहित गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.
भक्ति के बहाने परिवार गया बाहर, पीछे से साफ हुआ घर
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि पीड़ित आनंद कुमार सुथार ने 27 फरवरी को मामला दर्ज कराया था. आनंद कुमार अपने परिवार के साथ घर पर ताला लगाकर गुजरात के सारंगपुर मंदिर दर्शन के लिए गए थे. इसी बीच, अगले दिन रात करीब 2 बजे उनके छोटे भाई ने फोन कर सूचना दी कि घर के ताले टूटे हुए हैं. जब आनंद वापस लौटे, तो देखा कि उनके और पड़ोसी के घर से सोने-चांदी के जेवर और भारी मात्रा में नकदी गायब थी.
रिश्तों का कत्ल: देवरानी ने रची थी साजिश
जांच के दौरान पुलिस को घर के ही किसी व्यक्ति पर शक हुआ. सघन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जब कड़ियाँ जोड़ीं, तो सच सामने आ गया. चोरी की इस पूरी वारदात की मास्टरमाइंड आनंद कुमार की देवरानी दीपिका सुथार निकली.
दीपिका ने अपने साथी हीरालाल उर्फ मोहनलाल प्रजापत के साथ मिलकर चोरी की योजना तैयार की थी. उसे पता था कि परिवार कब बाहर जा रहा है और गहने-नकदी कहाँ रखे हैं.
लाखों का माल बरामद, गिरोह के सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पवन पाटीदार, रोहित पाटीदार, विकास उर्फ तूफान, विकास और संजय पाटीदार को भी दबोचा है. आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने अब तक:
- 10 तोला सोना.
- 2.5 किलो चांदी.
- 5.50 लाख रुपये नकद * वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
पुलिस की कार्रवाई जारी
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने इलाके में अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है. इस खुलासे के बाद पूरे गांव में चर्चा है कि कैसे एक करीबी रिश्तेदार ने ही भरोसे का कत्ल कर दिया.

