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उदयपुर: नाथद्वारा में आस्था का नया शिखर, 131 फीट ऊंची ‘श्रीजी के हनुमानजी’ प्रतिमा का आज भव्य उद्घाटन

नाथद्वारा (राजसमंद): मेवाड़ की पावन धरा और भगवान श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा में आज आस्था का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. राम नवमी के पावन पर्व पर, गुरुवार 26 मार्च 2026 को सुबह 8 बजे गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची “श्रीजी के हनुमानजी” की भव्य प्रतिमा का उद्घाटन होगा.

631 फीट की ऊंचाई पर विराजे ‘बजरंगबली’

यह विशाल प्रतिमा जमीन से करीब 500 फीट ऊंचे दुर्गम पर्वत शिखर पर स्थापित की गई है. पर्वत की ऊंचाई और प्रतिमा के आकार को मिला दिया जाए तो यह कुल 631 फीट की ऊंचाई तक पहुंच जाती है. इस स्थान की खासियत यह है कि यहाँ तक पहुँचने के लिए कोई मोटर मार्ग नहीं है; श्रद्धालुओं को पैदल ही दुर्गम रास्ता तय कर शिखर तक पहुँचना होगा, जो इस यात्रा को और भी आध्यात्मिक व चुनौतीपूर्ण बनाता है.

भक्ति और समर्पण का संगम

इस भव्य निर्माण के पीछे मुंबई के उद्योगपति गिरीश रतिलाल शाह का अटूट संकल्प है, जिसे प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत ने साकार किया है. साढ़े तीन वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई इस प्रतिमा में हनुमानजी को अत्यंत विनम्र मुद्रा में हाथ जोड़े दिखाया गया है. विशेष बात यह है कि प्रतिमा का मुख भगवान श्रीनाथजी के मंदिर की ओर है, जो उनके अनन्य भक्त और रक्षक रूप को दर्शाता है. यह पूरा प्रोजेक्ट पूज्य इंद्रदमनजी महाराज की प्रेरणा और विशाल बावासाहब के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है.

इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना

दुर्गम पहाड़ी पर बिना प्रकृति से छेड़छाड़ किए भारी सामग्री पहुँचाना किसी चमत्कार से कम नहीं था. प्रतिमा के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले M30 ग्रेड RCC, 115 टन स्टील और 40 टन ग्लास रीइन्फोर्स्ड फाइबर का उपयोग किया गया है. इसकी मजबूती और लंबी आयु के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया है.

पर्यटन और आस्था का केंद्र

यह प्रतिमा न केवल नाथद्वारा की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी राजस्थान का एक प्रमुख आकर्षण बनेगी. उद्घाटन समारोह में देश भर से साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है.

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