उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के दुस्साहस की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. मंगलवार देर रात बरी गांव स्थित रणघाटी क्षेत्र में बदमाशों ने हाईवे पेट्रोलिंग टीम पर तलवार और चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया. इस हिंसक हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. हालांकि, घायल होने के बावजूद पुलिस टीम ने बहादुरी दिखाते हुए दो बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया.
भाई-बहन के साथ लूट की कोशिश से शुरू हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11 बजे कैलाश मीणा अपनी बहन के साथ बाइक से रणघाटी से पालियाखेड़ा की ओर जा रहे थे. रास्ते में पुलिया के पास तीन बदमाशों ने अपनी दो बाइक सड़क पर आड़ी लगाकर रास्ता रोक लिया और उन्हें डरा-धमकाकर लूटपाट की कोशिश की. कैलाश ने सूझबूझ दिखाई और बाइक मोड़कर वहां से तेजी से भाग निकले. दोनों ने पास के एक मकान में घुसकर अपनी जान बचाई और तुरंत पुलिस को सूचना दी.
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने किया हथियारों से वार
लूट की सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही बदमाशों ने भागने के बजाय उन पर हमला बोल दिया. बदमाशों ने पास रखे तलवार और चाकुओं से पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए. इस अचानक हुए हमले में टीम के तीन जवान गंभीर रूप से चोटिल हो गए. जवानों ने घायल होने के बाद भी हौसला नहीं खोया और अंधेरे व जंगल के कच्चे रास्तों का सहारा लेकर बदमाशों की घेराबंदी जारी रखी.
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान नारायण (पुत्र बाबू डामोर) और मोहन (पुत्र होमा डामोर) निवासी पालावाड़ा के रूप में हुई है. इनका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया. हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी लाल की रिपोर्ट पर बाघपुरा थाने में आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है.
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे इलाके में किसी बड़ी वारदात की फिराक में तो नहीं थे.

