डूंगरपुर जिला कलेक्टर देशलदान ने जिले की महत्वाकांक्षी ‘पंच गौरव’ योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समीक्षा बैठक ली. कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष के अनुभवों और कार्यों को आधार बनाकर इस वर्ष के लिए ठोस व परिणामोन्मुखी प्रस्ताव तैयार किए जाएं.
पांच स्तंभों पर केंद्रित रहेगी विकास की रणनीति
बैठक के दौरान कलेक्टर ने योजना के पांच प्रमुख क्षेत्रों— एक जिला एक खेल, एक जिला एक उद्योग, एक जिला एक उपज, एक जिला एक पर्यटन स्थल और एक जिला एक वनस्पति के तहत विभागवार कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्य करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह देखना भी आवश्यक है कि किन क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश है.
पर्यटन और खेल को मिलेगी नई गति
कलेक्टर ने पर्यटन विकास को प्राथमिकता देते हुए बेणेश्वर धाम पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाने, क्षेत्र का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए. वहीं, खेल विभाग को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी भूमि का चिह्नीकरण कर वहां खेल मैदान विकसित करने के कार्य में तेजी लाने को कहा गया.
उद्योग और कृषि पर भी फोकस
- उद्योग: उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए कि वे रीको और स्थानीय मार्बल व्यवसायियों के साथ बैठक कर उनकी वास्तविक जरूरतों को समझें और उसी के अनुरूप प्रस्ताव बनाएं.
- उद्यानिकी: उद्यानिकी विभाग को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार कर उनका अधिकतम वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. विभाग ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र फलोज में आम की विभिन्न किस्मों के पौधे तैयार कर जनजाति किसानों को बांटे जाएंगे.
- वन विभाग: वन विभाग द्वारा सागवान पौधरोपण के लिए रातापाणी क्षेत्र में 25 हेक्टेयर में मृदा कार्य, सोलर सिस्टम और सिंचाई की व्यवस्था की गई है.
प्रशिक्षण और उपकरणों पर जोर
नोडल अधिकारी अमित शर्मा ने पिछले वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी. खेल विभाग ने बताया कि जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के साथ-साथ चयनित खिलाड़ियों को संभाग स्तर पर प्रशिक्षण दिलाने और नए खेल उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया जारी है.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘पंच गौरव’ योजना के जरिए डूंगरपुर की स्थानीय पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देना और क्षेत्रीय संसाधनों का समुचित विकास करना है.

