बांसवाड़ा जिले की सदर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय ट्रैक्टर चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. इस कार्रवाई की सबसे खास बात पीड़ित परिवार का साहस और पुलिस के प्रति उनका सहयोग रहा. परिजनों ने हार न मानते हुए खुद सीसीटीवी फुटेज खंगाले और चोरों का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश के रतलाम तक जा पहुँचे, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया.
5 अप्रैल की रात हुई थी वारदात
सदर थाना क्षेत्र के सियापुर निवासी कल्याण सिंह पटेल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 5 अप्रैल की रात चोरों ने बोरवट स्थित उनके गोदाम का ताला तोड़कर ट्रैक्टर चोरी कर लिया था. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और पीड़ित परिवार दोनों ही चोरों की तलाश में जुट गए.
परिजनों का पीछा: सीसीटीवी फुटेज ने दिखाई राह

ट्रैक्टर मालिक के परिजन दिनेश पटेल ने बताया कि चोरी के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने पुलिस टीम के साथ मिलकर बोरवट, कुपड़ा ब्रिज, सक्ष्म होटल, लियो चौराहा, तेजपुर और दानपुर होते हुए रतलाम तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. लगातार तीन दिनों तक फुटेज के आधार पर पीछा करते हुए उन्हें ठोस सुराग मिले कि ट्रैक्टर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर चुका है.
पुलिस ने बिछाया जाल, दो आरोपी गिरफ्तार
सदर थानाधिकारी रूपसिंह चारण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और प्राप्त फुटेज के आधार पर रतलाम के नामली रोड पर दबिश दी. जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर की चोरी देवीलाल डामोर (निवासी गणेशीलाल पाड़ला) ने की थी और उसे बेचने की डील मध्य प्रदेश के खरीदारों के साथ की गई थी. पुलिस ने इस मामले में दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है:
- प्रभु (31), निवासी रतलाम (एमपी).
- केसू (25), निवासी पातीनगरा, दानपुर (बांसवाड़ा).
मुख्य सरगना और खरीदार की तलाश जारी
सीआई रूपसिंह ने बताया कि वारदात का मुख्य सरगना देवीलाल पाडला और ट्रैक्टर खरीदने वाला ‘दरबार’ फिलहाल फरार हैं. पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. इस सफल ऑपरेशन में थानाधिकारी रूपसिंह चारण के साथ रमेशचंद्र, अनिल, विजयलाल, पुंजीलाल और भरतलाल की टीम का सराहनीय योगदान रहा.

