प्रतापगढ़ किसी भी आकस्मिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तत्परता और विभागों के आपसी समन्वय को परखने के लिए गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. बांसवाड़ा रोड स्थित राणा पूंजा राजकीय जनजाति महाविद्यालय छात्रावास में शाम 5:25 बजे ‘एयर स्ट्राइक’ की सूचना मिलते ही पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया.


सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
जैसे ही एयर स्ट्राइक की सूचना कंट्रोल रूम को मिली, जिला कलेक्टर शुभम चौधरी, पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य और एडीएम विजयेश कुमार पंड्या तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए. सूचना के कुछ ही मिनटों के भीतर फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीम और बिजली विभाग के कर्मचारी अपने साजो-सामान के साथ मौके पर तैनात हो गए.
साहसी रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण
मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने का अभ्यास किया. आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा की टीमों ने छात्रावास की बहुमंजिला इमारत में फंसे छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. चिकित्सा विभाग ने मौके पर ही अस्थाई मेडिकल कैंप लगाकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और गंभीर ‘घायलों’ को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल शिफ्ट किया. राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
कलेक्टर ने दिए कमियों को सुधारने के निर्देश
अभ्यास के समापन पर जिला कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त बैठक कर पूरी कार्रवाई की समीक्षा की. कलेक्टर शुभम चौधरी ने रेस्क्यू टीम के रिस्पॉन्स टाइम पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता करने के निर्देश दिए. उन्होंने विशेष रूप से सभी छात्रावासों में रेत से भरी बाल्टियां अनिवार्य रूप से रखने की हिदायत दी. उन्होंने कहा, “आपदा कभी बताकर नहीं आती, इसलिए विभागों का सजग और समन्वित रहना ही जनहानि को कम कर सकता है.”

