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उदयपुर के डॉक्टरों का कमाल: बिना ऑपरेशन सांस की नली से निकाला 32MM का स्क्रू, 17 वर्षीय युवक को मिला नया जीवन

उदयपुर के चिकित्सा जगत से एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक खबर सामने आई है. शहर के बड़ी स्थित टीबी एवं चेस्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का परिचय देते हुए एक 17 वर्षीय युवक की सांस की नली में फंसे 32 एमएम लंबे लोहे के स्क्रू को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में न तो कोई चीर-फाड़ की गई और न ही मरीज को बेहोश करने की जरूरत पड़ी.

काम के दौरान गलती से निगल लिया था स्क्रू

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सुथारी (कारपेंटर) का काम कर रहा था. इसी दौरान काम करते समय उसने गलती से एक बड़ा स्क्रू मुंह में दबाया जो फिसलकर सीधे उसके दाएं फेफड़े की श्वास नली में जाकर फंस गया. इसके बाद युवक को लगातार खांसी, छाती में तेज दर्द और बलगम में खून आने जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो गई. परिजनों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे 25 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया.

सर्जरी के बजाय ‘फ्लेक्सिबल ब्रोंकोस्कोपी’ का चुनाव

आमतौर पर इतने बड़े विदेशी तत्व (Foreign Body) को निकालने के लिए मरीज को जनरल एनेस्थीसिया देकर रिजिड ब्रोंकोस्कोपी या बड़ी सर्जरी की आवश्यकता होती है. लेकिन, सहायक प्रोफेसर डॉ. महेश माहिच और उनकी टीम ने जोखिम को कम करने के लिए ‘फ्लेक्सिबल ब्रोंकोस्कोपी’ तकनीक का उपयोग करने का साहसिक निर्णय लिया.

बिना बेहोशी और बिना टांके के मिली राहत

वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. महेंद्र कुमार बैनाड़ा के मार्गदर्शन में डॉक्टरों ने बिना किसी एनेस्थीसिया के, बेहद सावधानी से नली के जरिए कैमरा डालकर गहराई में फंसे स्क्रू को पकड़कर बाहर निकाल लिया. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि बिना जनरल एनेस्थीसिया के ऐसा जटिल केस सुलझाना डॉक्टरों की उच्च दक्षता को दर्शाता है.

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