डूंगरपुर भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही डूंगरपुर शहर में पेयजल का संकट गहराने लगा है. शहर के वार्ड संख्या 16 में पिछले एक सप्ताह से जारी जलापूर्ति ठप होने से आक्रोशित वार्डवासियों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया. पानी की किल्लत से परेशान बड़ी संख्या में महिलाएं खाली मटके और बाल्टियां लेकर कलेक्टरी पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया.
7 दिनों से सूखा पड़ा है गला, दैनिक कार्य ठप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि पिछले 7 दिनों से वार्ड में पानी की एक बूंद भी नहीं आई है. चिलचिलाती धूप और गर्मी के इस मौसम में पीने के पानी के साथ-साथ दैनिक कार्यों के लिए भी वार्डवासियों को भटकना पड़ रहा है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि पानी न होने से घर चलाना दूभर हो गया है और उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों या निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
संवेदनहीनता का आरोप
वार्डवासियों का सबसे बड़ा आक्रोश जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों के प्रति था. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन किया जाता है, तो वे कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय तकनीकी खराबी या पाइपलाइन में समस्या जैसे बहाने बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है; हर साल गर्मियों में वार्ड 16 को इसी तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, लेकिन प्रशासन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है.
कलेक्टरी के बाहर धरना और ज्ञापन
नाराज महिलाएं कलेक्टरी के बाहर खाली बर्तनों के साथ धरने पर बैठ गईं और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के बाद वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि वार्ड में तुरंत नियमित जलापूर्ति बहाल की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर जलापूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

