डूंगरपुर जिले में मनरेगा भुगतान में देरी, अघोषित बिजली कटौती और भीषण गर्मी में पेयजल किल्लत जैसे मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को डूंगरपुर विधायक और जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी.
मनरेगा और भुगतान पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोघरा ने मनरेगा की बदहाली पर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार 125 दिन के रोजगार का दावा करती है, लेकिन धरातल पर श्रमिकों को 25 दिन का काम मिलना भी मुश्किल हो रहा है. विधायक ने आरोप लगाया कि होली से पहले किए गए कार्यों का भुगतान अभी तक श्रमिकों के खातों में नहीं पहुंचा है. शादियों के सीजन में पैसा न मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं.
बिजली-पानी के संकट पर घेरा
विधायक ने जिले में बढ़ती बिजली कटौती और पानी की कमी पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि चिलचिलाती गर्मी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता त्रस्त है. उन्होंने मांग की कि गांवों में बिजली और पानी की सुचारू व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा.
प्रशासक की गिरफ्तारी को बताया ‘तानाशाही’
टाडी ओबरी ग्राम पंचायत के प्रशासक देवी लाल की गिरफ्तारी के मामले में विधायक घोघरा ने तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में एक विशेष विचारधारा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, और विरोध करने पर राजकार्य में बाधा के नाम पर प्रशासक को गिरफ्तार करना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने इसे सरकार की ‘दमनकारी’ नीति और तानाशाही करार दिया.
‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में विधायक गणेश घोघरा ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ और कार्यकर्ताओं का दमन बंद नहीं किया गया, तो कांग्रेस जिले भर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेंगे.

