डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत भीलूड़ा गांव में बीती रात एक भीषण अग्निकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. गांव के जैन मोहल्ला स्थित बाजार क्षेत्र में एक विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई, जिसने पास स्थित तीन खंडहर मकानों को अपनी चपेट में ले लिया. राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
आधी रात को मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 12 बजे की है. जैन मोहल्ले के पास लगे ट्रांसफार्मर से अचानक तेज चिंगारियां निकलने लगीं और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं. आग इतनी भीषण थी कि पास में स्थित तीन कच्चे खंडहर मकानों ने भी आग पकड़ ली. आग की भयावहता देख स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए और मोहल्ले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले ट्रांसफार्मर के पास खड़े वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बिजली विभाग व दमकल केंद्र को सूचना दी.
दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही सागवाड़ा नगरपालिका से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची. फायरमैन नीलेश पाटीदार और उनकी टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से मोर्चा संभाला। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका. गनीमत रही कि आग रिहायशी मकानों तक नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
प्रशासन और विभाग पर फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है. लोगों का आरोप है कि:
- बिजली विभाग की अनदेखी: ट्रांसफार्मर की जर्जर स्थिति के बारे में विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते इसे नहीं बदला गया.
- पंचायत की लापरवाही: आबादी क्षेत्र में स्थित खतरनाक खंडहर मकानों को हटाने के लिए पंचायत से गुहार लगाई गई थी, लेकिन प्रशासन ने केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर ली.
ग्रामीणों ने मांग की है कि जर्जर बिजली लाइनों और खतरनाक खंडहरों का स्थाई समाधान किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

