बांसवाड़ा शहर की मोहन कॉलोनी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है. जिला साइबर सेल और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी अनुसंधान का उपयोग करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. पकड़ा गया आरोपी पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जो पहले भी लाखों रुपए के वित्तीय फर्जीवाड़े में जेल की हवा खा चुका है.
दोपहर में आया था धमकी भरा मेल, खाली करानी पड़ी थी बैंक
बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि एसबीआई मोहन कॉलोनी शाखा के चीफ मैनेजर मुकेश कुमार जैन ने मामले को लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. रिपोर्ट के अनुसार, 10 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3:12 बजे बैंक के विभागीय सर्वर पर एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ. इस ईमेल में लिखा था कि बैंक परिसर के भीतर बम छुपाकर रखा गया है.
बम की सूचना मिलते ही बैंक प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत पूरे बैंक परिसर को खाली कराया गया और पुलिस व जिला प्रशासन को सूचना दी गई. पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद मामले की गहनता से जांच शुरू की गई.
दोस्त की सलाह पर बनाई थी फर्जी आईडी, डाकघर को भी दी थी धमकी
एएसपी नरपत सिंह और डीएसपी गोपीचंद मीणा के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी बुद्धाराम विश्नोई व साइबर टीम ने जब ईमेल को ट्रैक किया, तो उसके तार मोहन कॉलोनी निवासी वंश हेड़ा (21 वर्ष), पुत्र मनीष हेड़ा से जुड़े मिले. पुलिस ने दबिश देकर आरोपी वंश को हिरासत में लिया.
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने बैंक के अलावा उसी दिन सुबह डाकघर को भी बम से उड़ाने की धमकी दी थी. दोपहर में उसने अपने एक दोस्त की सलाह पर एक नई फर्जी ईमेल आईडी तैयार की और सनसनी फैलाने के उद्देश्य से बैंक को धमकी भरा मेल भेज दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है.
32 लाख के साइबर फ्रॉड में पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 21 वर्षीय आरोपी वंश हेड़ा बेहद शातिर प्रवृत्ति का अपराधी है. इससे पहले वह साइबर ठगी के लिए फर्जी (म्यूल) अकाउंट उपलब्ध करवाने और करीब 32 लाख रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन करने के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है. इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली थानाधिकारी बुद्धाराम, उपनिरीक्षक रमेश चंद्र सेन और जिला साइबर सेल की मुख्य भूमिका रही.

