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उदयपुर: फायरिंग कांड का खुलासा, एमपी से मंगवाई पिस्टल, बदले की साजिश में शामिल सभी 5 आरोपी गिरफ्तार

उदयपुर शहर के घंटाघर थाना क्षेत्र में मीठी ईद के विवाद को लेकर हुई सनसनीखेज फायरिंग और चाकूबाजी की वारदात का पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है. जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वारदात में शामिल और फरार चल रहे दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक सभी 5 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. जांच में सामने आया है कि वारदात में प्रयुक्त पिस्टल विशेष रूप से मध्य प्रदेश से मंगवाई गई थी और हमला पूरी प्लानिंग के साथ बदला लेने के इरादे से किया गया था.

एमपी के खाचरोद से जुड़े तार, आरोपियों ने सप्लाई किए थे हथियार

संयुक्त कार्रवाई के तहत घंटाघर, अम्बामाता थाना पुलिस और पश्चिम वृत की टीम ने मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों मोहसीन खान और अर्जुन वागरी को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरोद इलाके के रहने वाले हैं. पुलिस तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और हथियार इन्हीं दोनों आरोपियों ने मध्य प्रदेश से लाकर सप्लाई किए थे. गिरफ्तार आरोपी मोहसीन खान के खिलाफ एमपी में पहले से ही अवैध हथियार और चोरी के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

पुरानी रंजिश और मीठी ईद का विवाद बना हमले की वजह

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी इरफान खान पठान का पीड़ित मोहसीन पिनोक्यो, सलमान और नाजीब के साथ मीठी ईद के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. इसी विवाद और रंजिश का बदला लेने के लिए इरफान ने अपने साढ़ू मोहसीन और अन्य साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमले की पूरी साजिश रची.

योजना के मुताबिक, करीब पांच दिन पहले आरोपियों ने एक गली में बंद दुकान के सामने खड़े मोहसीन पिनोक्यो, सलमान और नाजीब पर अचानक हमला बोल दिया. इस दौरान आरोपियों ने अंधाधुंध फायरिंग की और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए. हमले में सलमान को गोली लगी, जबकि मोहसीन पिनोक्यो और नाजीब चाकुओं के वार से गंभीर रूप से घायल हो गए. वारदात को अंजाम देकर आरोपी स्कूटी और मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे.

पुलिस की गिरफ्त में पूरा गैंग

पुलिस ने इससे पहले 22 मई को मुख्य आरोपी इरफान खान पठान, अरबाज खान और मोहम्मद हुसैन उर्फ मख्खी को गिरफ्तार कर लिया था. अब दो और हथियार सप्लायरों की गिरफ्तारी के साथ ही इस वारदात का पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया है. इस पूरी कार्रवाई में घंटाघर थाना अधिकारी कर्मवीर सिंह, अम्बामाता थाना अधिकारी दलपत सिंह और आरपीएस प्रशिक्षु रामकुमार सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही. फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियारों की तस्करी का यह नेटवर्क राजस्थान और एमपी के बीच और कहां-कहां फैला हुआ है.

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