डूंगरपुर जिले के आसपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गड़ा एकलिंगजी से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां एक बिड क्षेत्र (निजी वन क्षेत्र) में अज्ञात व्यक्ति की लापरवाही या शरारत के चलते भीषण अग्निकांड हो गया. इस आग की चपेट में आने से करीब 40 सालों की कड़ी मेहनत से सींचे गए 500 से अधिक बहुमूल्य और औषधीय पेड़ जलकर पूरी तरह खाक हो गए. इस घटना से क्षेत्र में भारी आर्थिक और पर्यावरणीय क्षति हुई है.
कचरे के ढेर की आग ने धारण किया विकराल रूप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गड़ा एकलिंगजी निवासी श्री कमलेश सिंह चुण्डावत (पुत्र श्री निर्भय सिंह चुण्डावत) का एक विस्तृत बिड क्षेत्र है. रविवार को इस बिड क्षेत्र के समीप ही स्थित कचरे के एक ढेर में किसी अज्ञात व्यक्ति ने अचानक आग लगा दी. शुरुआत में सुलग रही यह आग देखते ही देखते बेकाबू हो गई और तेज हवाओं के कारण इसने विकराल रूप धारण कर लिया. आग की गगनचुंबी लपटें तेजी से आगे बढ़ीं और पूरे बिड क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया.
सागवान, नीम और खैर के सैकड़ों वृक्ष नष्ट
आग की तीव्रता इतनी भयानक थी कि खेत और बिड में मौजूद पेड़-पौधों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. इस अग्निकांड में लगभग 500 से अधिक बहुमूल्य और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्ष जलकर पूरी तरह राख हो गए. नष्ट हुए वृक्षों में बेशकीमती सागवान, औषधीय नीम, खैर सहित पर्यावरण को शुद्ध रखने वाले कई अन्य उपयोगी पेड़ शामिल थे.
40 वर्षों की तपस्या और प्राकृतिक धरोहर खाक
उल्लेखनीय है कि प्रभावित परिवार द्वारा इन वृक्षों का संरक्षण और संवर्धन विगत लगभग 40 वर्षों से अत्यंत परिश्रम, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण की भावना के साथ किया जा रहा था. दो पीढ़ियों की इस अथक मेहनत और हरी-भरी प्राकृतिक धरोहर को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पल भर में अपूरणीय क्षति पहुंचा दी.
बरसों पुरानी इस हरी-भरी संपत्ति को अपनी आंखों के सामने जलता देख पीड़ित परिवार सहित पूरे क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों में गहरा दुःख और रोष व्याप्त है. ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर कचरे में आग लगाने वाले अज्ञात दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

