प्रतापगढ़ जिले के धरियावद वन क्षेत्र में अवैध कटान और मादक पदार्थों व लकड़ियों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. वन विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत झडोली के डरागांव में अलसुबह नाकेबंदी के दौरान अवैध रूप से गीली सागवान की लकड़ियों का परिवहन करते हुए एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप गाड़ी को जब्त किया है. हालांकि, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा.
नाकेबंदी देख गाड़ी मोड़ने लगा तस्कर, खेत में फंसी पिकअप
वन विभाग के सहायक वनपाल पवन मेघवाल ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि यह कार्रवाई उपवन संरक्षक (प्रतापगढ़) सुरेश अग्रवाल एवं सहायक वन संरक्षक (बांसी) विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देशन में अंजाम दी गई. क्षेत्रीय वन अधिकारी (धरियावद) रामलाल भील और नाका झडोली स्टाफ द्वारा डरागांव में अलसुबह विशेष नाकेबंदी की गई थी.
इसी दौरान एक पिकअप गाड़ी आती हुई दिखाई दी. वन विभाग की टीम ने जब टॉर्च की रोशनी से गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो चालक घबरा गया. उसने नाकेबंदी देखकर गाड़ी को कुछ दूरी पर ही रोक दिया और वापस मोड़ने का प्रयास करने लगा. इस आपाधापी में पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पास ही एक खेत के बीच में जाकर बुरी तरह फंस गई.
सागवान के गीले गट्टे बरामद, चालक फरार
स्टाफ को अपनी ओर आता देख पिकअप चालक वाहन को वहीं छोड़कर खेतों और अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से रफूचक्कर हो गया. वन कर्मियों ने जब मौके पर पहुंचकर लावारिस खड़ी महिंद्रा बोलेरो पिकअप की सघन तलाशी ली, तो उसमें अवैध रूप से कटी हुई कीमती गीली सागवान के भारी मात्रा में गट्टे भरे हुए थे.
खेत में बुरी तरह फंसी पिकअप को बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम को जेसीबी (JCB) मशीन की मदद लेनी पड़ी. पिकअप को बाहर निकालने के बाद राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत मामला दर्ज कर वाहन और लकड़ी को जब्त कर लिया गया. वन विभाग की टीम जब्त माल को रेंज परिसर लेकर आई है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई और तस्कर की तलाश शुरू कर दी गई है.

